स्मार्ट मीटर: बैलेंस खत्म होने पर कट गई बिजली तो 20 सेकंड तक दबाये रखे यह बटन, फिर 72 घंटों तक कर सकते हैं उपयोग
प्रीपेड स्मार्ट मीटर का पैसा खत्म हो गया है या रिचार्ज किसी कारण वश नहीं हो पा रहा है तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। स्मार्ट मीटर में लगे पुश बटन को 20 सेकेंड तक लगातार दबाने पर बिजली तीन दिन यानी 72 घंटे तक बहाल रहेगी। यह सुविधा महीने में एक बार ही विशेष परिस्थिति में मिलेगी। इस दौरान उपभोक्ता रीचार्ज कर सकेंगे। बहुत जल्द ही यह सुविधा शुरू होगी। बैलेंस खत्म होने पर सामान्य परिस्थिति में अभी 24 घंटे तक ही बिजली बहाल रहती है। पटना के जिलाधिकारी डॉ. चन्द्रशेखर सिंह ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में विद्युत आपूर्ति, स्मार्ट प्रीपेड मीटर एवं तकनीकी संस्थानों के लिए डेडिकेटेड फीडर के संबंध में बैठक की गई। बैठक के बाद प्रेस वार्ता में उन्होंने यह जानकारी दी।
प्रीपेड स्मार्ट मीटर का पैसा खत्म हो गया है या रिचार्ज किसी कारण वश नहीं हो पा रहा है तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। स्मार्ट मीटर में लगे पुश बटन को 20 सेकेंड तक लगातार दबाने पर बिजली तीन दिन यानी 72 घंटे तक बहाल रहेगी।
यह सुविधा महीने में एक बार ही विशेष परिस्थिति में मिलेगी। इस दौरान उपभोक्ता रीचार्ज कर सकेंगे। बहुत जल्द ही यह सुविधा शुरू होगी। बैलेंस खत्म होने पर सामान्य परिस्थिति में अभी 24 घंटे तक ही बिजली बहाल रहती है।
पटना के जिलाधिकारी डॉ. चन्द्रशेखर सिंह ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में विद्युत आपूर्ति, स्मार्ट प्रीपेड मीटर एवं तकनीकी संस्थानों के लिए डेडिकेटेड फीडर के संबंध में बैठक की गई। बैठक के बाद प्रेस वार्ता में उन्होंने यह जानकारी दी।
लोड बढ़ने पर 6 महीने पेनाल्टी नहीं
पटना के डीएम डॉ.चंद्रशेखर सिंह ने बताया कि अभी 24 घंटा पहले बैलेंस खत्म होने और बिजली कटने की सूचना दी जा रही है, लेकिन सरकार के निर्देश पर उपभोक्ताओं को एक सप्ताह पहले से अब सूचना दी जाएगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि बिजली का लोड बढ़ने पर जो पेनाल्टी लगता था वो अब छह महीने तक नहीं लगेगा। इस दौरान अपना बिजली का लोड खुद भी बढ़ा सकते हैं। इसके लिए कोई शुल्क नहीं लगेगा।
30 तक सरकारी कार्यालयों में लग जाएंगे स्मार्ट मीटर
जिलाधिकारी ने बताया कि बिहार सरकार के निर्देशानुसार सभी सरकारी कार्यालयों में 30 नवम्बर तक स्मार्ट मीटर लग जाएगा। डीएम डॉ. सिंह ने कहा कि पटना जिला के 1244 कार्यालयों में से 783 कार्यालयों में स्मार्ट मीटर लगा दिया गया है। शेष 461 कार्यालयों में 31 अक्टूबर तक स्मार्ट मीटर लगाने का निर्देश सभी पदाधिकारियों को दिया गया।
जिलाधिकारी ने कहा कि सभी पदाधिकारियों एवं कर्मियों के घर भी स्मार्ट मीटर लगाया जाएगा। उन्होंने बताया कि ऐसी सूचनी मिली है कि पुराने मीटर की रीडिंग करने वाले कुछ कर्मी झुठी अफवाह फैला रहे हैं। अफवाह फैलाने वालों को चिन्हित कर कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि जिला के सभी प्रखण्डों में विद्युत संवाद कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। उप विकास आयुक्त इसके लिए रोस्टर तैयार करेंगे। अनुमंडल पदाधिकारी अपने- अपने क्षेत्र के सभी प्रखण्डों में विद्युत संवाद कार्यक्रम का आयोजन करेंगे।
इसमें जनप्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया जाएगा। उपभोक्ताओं से अधिकारियों और विद्युत अभियंताओं द्वारा स्मार्ट मीटर के संबंध में संवाद कर उनका फीडबैक लिया जाएगा।
कार्यक्रम में स्मार्ट प्रीपेड मीटर के बारे में जागरूकता कार्यशाला भी होगी। उपभोक्ताओं की वास्तविक समस्याओं का नियमानुसार ऑनस्पॉट समाधान होगा। कमियों को स्वीकार किया जाएगा और उसका निराकरण किया जाएगा। पुराने मीटर और स्मार्ट मीटर की रीडिंग की तुलना कर लोगों को संतुष्ट भी किया जाएगा।
सर्तक रहने पर स्मार्ट मीटर बेहतर चीज है। स्मार्ट मीटर से पारर्दशीता बढ़ी है। जिला में करीब 12 लाख उपभोक्ता हैं। शहरी क्षेत्र में 80 फीसदी घरों में स्मार्ट मीटर लगे हैं। ग्रामीण क्षेत्र में करीब 59 फीसदी स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं।